आज कुछ नवरात्रि मंत्र विधान कहते है नवरात्रि में करें सिद्ध मंत्रों के जाप ओर भौतिक ओर आध्यात्मिक को दे नये आयाम,,
आज कल आध्यात्मिक के साथ सभी को भौतिक सुख भी चाहिए तो गुप्त नवरात्रि मे ये निधी विधान करे...
नवरात्रि में विधि-विधान से इन सिद्ध मंत्रों के जाप करना चाहिए : -
* दुर्गा मंत्र - ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः।
- दुर्गा मंत्र का फल इस प्रकार है- सभी प्रकार की सिद्धियों के लिए इस मंत्र का प्रयोग किया जाता है। शक्तिमान, भूमिवान बनने के लिए इस मंत्र का प्रयोग कर लाभ पा सकते हैं।
* सरस्वती गायत्री मंत्र
ॐ ऐं वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
- उपरोक्त मंत्र के जाप से विद्या की प्राप्ति में सफलता मिलती है।
* लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ महादेव्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।
- उपरोक्त मंत्र जाप करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
* मां बगुलामुखी मंत्र इस प्रकार है -
ॐ ह्रीं बगुलामुखी सर्व दुष्टानांम् वाचम् मुखम् पद्म स्तंभय जिह्वाम् किल्य किल्य ह्रीं ॐ स्वाहा।
- यह मंत्र तांत्रिक सिद्धि प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
आज कल आध्यात्मिक के साथ सभी को भौतिक सुख भी चाहिए तो गुप्त नवरात्रि मे ये निधी विधान करे...
नवरात्रि में विधि-विधान से इन सिद्ध मंत्रों के जाप करना चाहिए : -
* दुर्गा मंत्र - ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः।
- दुर्गा मंत्र का फल इस प्रकार है- सभी प्रकार की सिद्धियों के लिए इस मंत्र का प्रयोग किया जाता है। शक्तिमान, भूमिवान बनने के लिए इस मंत्र का प्रयोग कर लाभ पा सकते हैं।
* सरस्वती गायत्री मंत्र
ॐ ऐं वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि, तन्नो देवी प्रचोदयात्।
- उपरोक्त मंत्र के जाप से विद्या की प्राप्ति में सफलता मिलती है।
* लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ महादेव्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।
- उपरोक्त मंत्र जाप करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
* मां बगुलामुखी मंत्र इस प्रकार है -
ॐ ह्रीं बगुलामुखी सर्व दुष्टानांम् वाचम् मुखम् पद्म स्तंभय जिह्वाम् किल्य किल्य ह्रीं ॐ स्वाहा।
- यह मंत्र तांत्रिक सिद्धि प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
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